DR. MANDHATA RAI

DR. MANDHATA RAI
DLIT. HINDI

परिचय

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गाजीपुर, उत्तर प्रदेश, India

Saturday, October 10, 2009

                 निवेदिता: कुबेरनाथ राय विशेषांक{nivedita kuber nath rai visheshank}
         स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर योद्धा और किसान आन्दोलन के जनक स्वामी सहजानन्द की पुण्य स्मृति में उनके गृह जनपद गाजीपुर(उ०प्र०) में स्थापित स्वामी सहजनन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने यशस्वी निबन्धकार श्री कुबेरनाथ राय की स्मृति में 1997 में संस्था की पत्रिका ’निवेदिता’ का रजत जयंती अंक ’कुबेर नाथ राय विशेषांक’ के रूप में प्रकाशित किया । इसका संपादन वहाँ के प्राचार्य तथा प्रख्यात आलोचक डॉ मान्धाता राय ने किया है ।
        डिमाई आकार मे 405 प्रिष्ठों मे प्रकाशित यह विशेषांक कुबेरनाथ राय पर अभी तक हुए अनुसंधान और प्रकाशित ग्रंथों में विस्तार और गहराई की मानक है। इसके नौ खंडो में पहले ’शुभकामना’ में महामहिम राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी, राज्यपाल प्रो० सिद्धेश्वर प्रसाद’ और डॉ प्रभुदयाल अग्निहोत्री जैसे गण्मान्य लोगों के सन्देश हैं । अ
दूसरे परिचय खंड में कुबेरनाथ राय की वंशावली ,उनकी जन्म कुण्डली, पारिवारिक पृष्ठभूमि, जीवनी एवं कृतित्व, कलकत्ता का जीवन एवं लेखन की पृष्ठभूमि, असम के माटी पत्र, तथा प्राचार्य के रूप में कुबेरनाथ राय पर पं० नागानन्द, वात्स्यायन, डॉ हरिकुंवर राय,श्री उदयभानु पाण्डेय, और डॉ मान्धाता राय के आलेख हैं जो पहली बार प्रकाशित हैं ।
     तीसरे खण्ड ’आत्मकथ्य’ में कुबेरनाथ द्वारा लिखित ’मेरी सृष्टि:मेरी दृष्टि तथा मेरे लेखन के केन्द्रीय तत्व शीर्षक निबंध हैं जिसमें उनकी संपूर्ण पुस्तकों तथा मिले पुरस्कारों को प्रस्तुत किया गया है । इसमें तीसरी सामग्री ’कृतियां और पुरस्कार’ शीर्षक से है ।
चौथा खण्ड इस विशेषांक का महत्वपूर्ण अंग है जिसमें उनकी संपूर्ण रचनाओं पर चोटी के 26 विद्वानों , डॉ विवेकी राय, डॉ सत्यकाम, डॉ माताप्रसाद त्रिपाठी, प्रो० विश्वनाथ त्रिपाठी, डॉ आनन्द प्रकाश दिक्षित, डॉ गोविन्द रजनीश, डॉ रामदरश मिश्र,डॉ ललित शुक्ल, डॉ अब्दुल बिस्मिल्लाह, डॉ पूर्णमासी राय, डॉ रामचन्द्र तिवारी, डॉ लक्ष्मीकान्त वर्मा, डॉ युगेश्वर और डॉ विद्यानिवास मिश्र, आदि द्वारा लिखित समीक्षात्मक निबन्ध इस संग्रह की उपलब्धि हैं । पाँचवें खण्ड ’ललित निबन्ध और कुबेर नाथ राय’ शीर्षक के अन्तर्गत ललित निबन्ध परम्परा और कुबेरनाथ राय तथा हिन्दी ललित निबन्ध को कुबेरनाथ्य राय की देन शीर्षक से डॉ ओमकाश गुप्त, डॉ शशिकला त्रिपाथी के निबन्ध हैं।
     छ्ठाँ खण्ड ’समग्र मूल्यांकन’ शीर्षक के अन्तर्गत डॉ विद्यानिवास मिश्र, डॉ शिवप्रसाद सिंह, डॉ पाण्डुरंग राव, डॉ प्रभाकर क्षेत्रिय, डॉ प्रेमशंकर, डॉ कल्याणमल लोढा, डॉ विजयशंकर मल्ल,डॉ बच्चन मिश्र, पं० राम्नारायन उपाध्याय, डॉ परमानन्द श्रीवास्तव,डॉ कृष्ण बिहारी मिश्र, डॉ श्रद्धानन्द, डॉ महेन्द्रनाथ राय, डॉ श्रीराम परिहार और डॉ जितेन्द्रनाथ पाठक प्रभृत 29 साहित्यकारों के आलीख हैं। सात्वें खण्ड संस्मरण में डॉ राममूर्ति त्रिपाठी, डॉ सत्यमिश्र दूबे,श्री ह्रिषीकेश, डॉ दरवेश सिंह, आदि 15 रचनाकारों संसमरण हैं । आठवाँ ख्ण्ड ’साक्षात्कार’ है जिसमें पाँच साहित्यकारों द्वारा कुबेरनाथ से लिया गया इण्टरव्यू प्रकाशित है । नवें खण्ड में प्रमुख ग्यारह साहित्यकारों पं० श्रीनारायण चतुर्वेदी, डॉ प्रभाकर माल्वे, डॉ बाल्कृष्ण राव, श्री शन्कर दयाल सिंह, सुमित्रा कुल्कर्णी, डॉ राम्धारी सिंह दिनकर. डॉ हरिवंश राय बच्चन, डॉ लक्षमीनारायण ’सुधांशु’, पं० सोहन्लाल द्विवेदी, डॉ विश्व्भरनाथ उपाध्याय है।आठ पृष्ठों में उनके रंगीन चित्र दिये गये हैं ।
       इस संबन्ध में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ विद्यानिवास मिश्र ने लिखा है ’कुबेरनाथजी पर इतना अच्छा विशेषांक देखकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हुई।’ राज्यपाल प्रो० सिद्धेश्वर प्रसाद का कहना है ’कुबेरनाथ पर इस अंक मे काफ़ी पठ्नीय सामग्री दी गयी है ।


प्रकाशक- प्राचार्य स्वामी सहजानन्द स्नात्कोत्तर् महविद्यालय, गाजीपुर
मूल्य 200/

1 comment:

  1. नमस्कार, मैं ऋषिकेश दिल्ली से । क्या मुझे कुबेरनाथ राय पर निवेदिता पत्रिका का विशेषंक मिल सकता है ? मैं कुबेरनाथ राय पर शोध कर रहा हूँ। अगर मिल सकता है तो कैसे मुझे सूचित करने का कृपा करें ,नमस्कार

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